Indian TV History: सबसे ज्यादा TRP वाले टॉप 5 धारावाहिक, रामायण से अनुपमा तक का रिकॉर्ड
भारतीय टेलीविजन इतिहास के सबसे ज्यादा TRP पाने वाले धारावाहिक कौन-से रहे? रामानंद सागर की रामायण, लव-कुश, महाभारत, क्योंकि सास भी कभी बहू थी और अनुपमा का पूरा रिकॉर्ड जानिए।
भारतीय टेलीविजन के इतिहास में कुछ ऐसे धारावाहिक रहे हैं, जिन्होंने न सिर्फ लोकप्रियता के रिकॉर्ड तोड़े बल्कि करोड़ों दर्शकों को टीवी स्क्रीन से बांध कर रखा। इन शोज़ की TRP आज भी एक मिसाल मानी जाती है। खासतौर पर 80 और 90 के दशक में प्रसारित धार्मिक धारावाहिकों ने जो इतिहास रचा, वह आज तक कोई नहीं तोड़ पाया।
रामानंद सागर द्वारा निर्मित रामायण (1987–1988) को अब तक का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला भारतीय टीवी शो माना जाता है। इस धारावाहिक को लगभग 65 करोड़ दर्शकों ने देखा और इसका पीक रेटिंग रिकॉर्ड 77 मिलियन इम्प्रेशंस तक पहुंचा। रविवार की सुबह सड़कों का सूना हो जाना इस शो की लोकप्रियता का सबसे बड़ा प्रमाण माना जाता है।
रामायण के बाद इसका स्पिन-ऑफ लव-कुश (1989) भी जबरदस्त हिट रहा। इस धारावाहिक ने करीब 67.1 TRP तक का आंकड़ा छुआ, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। वहीं बी.आर. चोपड़ा का महाभारत (1988) भी पीछे नहीं रहा और इसने लगभग 22.9 TRP के साथ भारतीय टेलीविजन को एक और महाकाव्यात्मक ऊंचाई दी।
21वीं सदी में अगर किसी फिक्शन शो ने TRP के सारे पैमाने बदल दिए, तो वह था क्योंकि सास भी कभी बहू थी। 2000 के दशक में इस धारावाहिक ने एक बार 22.4 TRP हासिल किया, जिसे मॉडर्न टीवी इतिहास का सबसे बड़ा फिक्शन रिकॉर्ड माना जाता है। मिहिर की वापसी वाला एपिसोड आज भी भारतीय TRP इतिहास के सबसे यादगार पलों में शामिल है।
क्योंकि सास भी कभी बहू थी के बाद के दौर में किसी भी धारावाहिक के लिए डबल-डिजिट TRP हासिल करना बेहद मुश्किल हो गया। इसी दौर में बालिका वधू ने सामाजिक विषय पर आधारित कहानी के साथ दर्शकों का ध्यान खींचा और लगभग 8.5 से 9 TRP तक पहुंचने में सफल रही। हालांकि यह आंकड़ा क्योंकि सास भी कभी बहू थी के रिकॉर्ड के आसपास नहीं था, लेकिन फिर भी इसे उस समय के सबसे ज्यादा TRP पाने वाले धारावाहिकों में गिना जाता है।
इसी क्रम में भारतीय टेलीविजन में कुछ ऐसे धारावाहिक भी रहे, जो भले ही सबसे ऊँची TRP के ऐतिहासिक रिकॉर्ड न बना पाए, लेकिन लंबे समय तक लगातार टॉप रैंकिंग में बने रहे। दिया और बाती हम ने अपने पीक दौर में 7–8 TRP के साथ कई हफ्तों तक नंबर-1 स्थान संभाला, जबकि पवित्र रिश्ता और नागिन फ्रेंचाइज़ी ने अलग-अलग दौर में TRP चार्ट में शीर्ष स्थान हासिल किया। वहीं तारक मेहता का उल्टा चश्मा वर्षों तक टॉप-10 में बना रहा और क्योंकि सास भी कभी बहू थी ने अपने पूरे प्रसारण काल में TRP चार्ट पर दबदबा कायम रखा। इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ ने भी लॉन्च के साथ ही टॉप-5 में जगह बनाई और यह साबित किया कि KSBKBT ब्रांड आज भी दर्शकों को आकर्षित करने की मजबूत क्षमता रखता है।
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