छत्तीसगढ़ में फिल्म शूटिंग के लिए कहां मिलेंगे कैमरे और लाइट्स किराये पर? जानिए रायपुर से बिलासपुर तक के प्रमुख विकल्प

छत्तीसगढ़ में फिल्म शूटिंग के लिए कैमरा, लेंस, लाइटिंग और साउंड उपकरण कहां किराये पर मिलेंगे? जानिए इरा फिल्म्स, काजल फिल्म्स, शेयरपॉल और बिलासपुर के स्थानीय विकल्पों की जानकारी।

Nov 3, 2026 - 19:32
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छत्तीसगढ़ में फिल्म शूटिंग के लिए कहां मिलेंगे कैमरे और लाइट्स किराये पर? जानिए रायपुर से बिलासपुर तक के प्रमुख विकल्प

छत्तीसगढ़ में छॉलीवुड के विस्तार के साथ फिल्म निर्माण से जुड़ी तकनीकी सुविधाओं की मांग भी बढ़ रही है। फीचर फिल्म, वेब सीरीज, म्यूजिक वीडियो और शॉर्ट फिल्म की शूटिंग के लिए प्रोफेशनल कैमरा, लेंस, लाइटिंग, ग्रिप और साउंड उपकरणों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में स्थानीय फिल्मकारों और नए निर्माताओं के सामने सवाल रहता है कि प्रदेश में ये उपकरण किराये पर कहां मिल सकते हैं। रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर जैसे क्षेत्रों में कुछ रेंटल सेवाएं और प्रोडक्शन हाउस इस दिशा में विकल्प उपलब्ध कराते हैं।

इरा फिल्म्स: प्रोफेशनल कैमरा और शूटिंग उपकरणों का विकल्प

रायपुर स्थित इरा फिल्म्स (Era Films) फिल्म निर्माण और उपकरण किराये से जुड़ी सेवाएं देने वाली प्रमुख संस्थाओं में शामिल है। इसके उपकरणों की सूची में RED Helium 8K, RED Komodo और RED Dragon जैसे प्रोफेशनल सिनेमा कैमरों के साथ Sony कैमरा सिस्टम का भी उल्लेख मिलता है। इसके अलावा सिने लेंस, लाइटिंग, जिम्बल, ट्रैक-ट्रॉली, क्रेन और साउंड से जुड़े उपकरणों के बारे में भी जानकारी उपलब्ध है।

फीचर फिल्म, विज्ञापन, वेब सीरीज और डॉक्यूमेंट्री बनाने वाले निर्माता अपनी जरूरत के अनुसार यहां उपकरणों की उपलब्धता और किराये की जानकारी ले सकते हैं। हालांकि, किसी खास कैमरे या उपकरण की बुकिंग से पहले उसकी उपलब्धता और तकनीकी सहयोग की पुष्टि करना जरूरी है।

संपर्क के लिए वेबसाइट: https://erafilms.in/contact

काजल फिल्म्स: रायपुर और दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में रेंटल सुविधा

कैमरा और वीडियो उपकरण किराये पर लेने के लिए काजल फिल्म्स (Kajal Films) भी एक विकल्प है। इसकी वेबसाइट पर DSLR, मिररलेस और वीडियो कैमरों के साथ अलग-अलग कंपनियों के लेंस, गिम्बल, ट्राइपॉड, लाइट्स और माइक्रोफोन की जानकारी दी गई है।

यहां Sony, Canon और Nikon के कैमरा मॉडल के अलावा Sony G Master सीरीज के लेंस और Godox की लाइटिंग से जुड़े उपकरणों का उल्लेख मिलता है। छोटे वीडियो प्रोजेक्ट से लेकर व्यावसायिक शूटिंग तक की जरूरतों के लिए निर्माता उपकरणों की सूची और किराये की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। बुकिंग से पहले शूटिंग की तारीख पर उपकरणों की उपलब्धता जरूर जांच लें।

वेबसाइट: https://kajalfilms.com/

शेयरपॉल: छोटे प्रोजेक्ट और डिजिटल कंटेंट के लिए विकल्प

शॉर्ट फिल्म, व्लॉग, सोशल मीडिया वीडियो और बी-रोल शूट करने वालों के लिए SharePal जैसे ऑनलाइन रेंटल प्लेटफॉर्म भी उपयोगी हो सकते हैं। इस प्लेटफॉर्म पर फोटोग्राफी और वीडियो निर्माण से जुड़े उपकरण किराये पर देने की सुविधा का उल्लेख मिलता है। इसमें DSLR और मिररलेस कैमरे, DJI ड्रोन, GoPro कैमरे, गिम्बल और वायरलेस माइक्रोफोन जैसी श्रेणियां शामिल हैं।

SharePal की रायपुर संबंधी सेवा और उपकरणों की उपलब्धता की जानकारी इसकी वेबसाइट पर देखी जा सकती है। हालांकि, रायपुर में जीरो-डिपॉजिट सुविधा, डिलीवरी और किसी खास उपकरण की उपलब्धता बुकिंग के समय सीधे जांचना जरूरी है। किराये की शर्तें और सुरक्षा जमा राशि उपकरण तथा सेवा के अनुसार अलग हो सकती हैं।

वेबसाइट: https://sharepal.in/raipur/photography-on-rent

बिलासपुर में एमएस प्रोडक्शन एंड कंपनी

बिलासपुर के देवरीखुर्द क्षेत्र में स्थित एमएस प्रोडक्शन एंड कंपनी (Ms Production & Company) का नाम भी फिल्म निर्माण से जुड़ी स्थानीय सेवाओं के संदर्भ में सामने आता है। स्थानीय व्यावसायिक जानकारी में कैमरा किराये, लाइटिंग, साउंड स्टूडियो और फिल्म-मीडिया निर्माण सेवाओं का उल्लेख किया गया है।

बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में शूटिंग करने वाले फिल्मकार इस संस्था से संपर्क कर उपकरणों और स्थानीय प्रोडक्शन सहयोग के बारे में जानकारी ले सकते हैं। हालांकि, इसके पास उपलब्ध कैमरा मॉडल, लेंस और अन्य तकनीकी उपकरणों की विस्तृत सूची की पुष्टि पहले से कर लेना बेहतर होगा।

फिल्म शूटिंग के लिए कौन-कौन से उपकरण जरूरी होते हैं?

फिल्म की कहानी, बजट और शूटिंग की तकनीकी जरूरतों के अनुसार अलग-अलग उपकरण किराये पर लिए जाते हैं। सामान्य रूप से फिल्म निर्माण में इनकी जरूरत पड़ सकती है:

  • सिनेमा कैमरे: RED Helium, RED Komodo और Sony FX सीरीज के कैमरे। ARRI जैसे कैमरों की उपलब्धता संबंधित रेंटल हाउस से पूछी जा सकती है।

  • लेंस: Zeiss CP.2 और CP.3 सिने लेंस, Sony G Master प्राइम लेंस और हाई-एंड जूम लेंस।

  • लाइटिंग: HMI लाइट्स, LED पैनल, Aputure और Godox लाइट्स, RGB ट्यूब और अन्य प्रकाश उपकरण।

  • ग्रिप और कैमरा मूवमेंट: Jimmy Jib, ट्रैक-ट्रॉली, जिम्बल, ट्राइपॉड और कैमरा सपोर्ट सिस्टम।

  • साउंड उपकरण: Rode और Zoom के ऑडियो रिकॉर्डर, वायरलेस माइक्रोफोन, बूम माइक्रोफोन और अन्य रिकॉर्डिंग उपकरण।

  • अन्य सुविधाएं: जरूरत के अनुसार जनरेटर, मॉनिटर, बैटरी, मेमोरी कार्ड और सहायक उपकरण।

यह जरूरी नहीं कि हर रेंटल हाउस के पास सभी श्रेणियों के उपकरण उपलब्ध हों। इसलिए शूटिंग से पहले पूरी उपकरण सूची तैयार करके संबंधित सप्लायर से जानकारी लेना उपयोगी रहता है।

छत्तीसगढ़ फिल्म नीति में आर्थिक सहायता और शूटिंग अनुमति

छत्तीसगढ़ सरकार की फिल्म नीति 2021 के तहत पात्र फिल्म निर्माण परियोजनाओं के लिए आर्थिक सहायता का प्रावधान है। यह सहायता निर्धारित नियमों और पात्रता शर्तों के आधार पर दी जाती है। इसे कैमरा, लेंस या लाइटिंग उपकरण किराये पर लेने पर मिलने वाली सीधी सब्सिडी नहीं समझना चाहिए। फिल्म की श्रेणी, राज्य में शूटिंग के दिनों और स्थानीय कलाकारों तथा तकनीकी कर्मचारियों की भागीदारी जैसी शर्तें महत्वपूर्ण हो सकती हैं।

सरकारी स्थानों पर शूटिंग की अनुमति के लिए छत्तीसगढ़ फिल्म सेल का ऑनलाइन पोर्टल भी उपलब्ध है। इसके माध्यम से निर्धारित सरकारी स्थानों पर फिल्म, वेब सीरीज, विज्ञापन और डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग के लिए आवेदन किया जा सकता है। पोर्टल पर अनुमति प्रक्रिया और जरूरी शर्तों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

आधिकारिक पोर्टल: https://movieshoot.cgculture.in/About_us.aspx

उपकरण किराये पर लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

फिल्म शूटिंग के लिए उपकरण किराये पर लेते समय केवल कैमरे का नाम या किराये की कीमत देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। यह भी पता करें कि कैमरे के साथ कौन-सा लेंस, बैटरी, मेमोरी कार्ड, मॉनिटर और अन्य सहायक उपकरण मिलेंगे। लाइटिंग और साउंड उपकरणों के लिए भी पूरी सूची मांगें।

इसके अलावा किराये की अवधि, सिक्योरिटी डिपॉजिट, परिवहन शुल्क, तकनीशियन की फीस और उपकरण खराब होने की स्थिति में जिम्मेदारी जैसी शर्तें पहले स्पष्ट कर लें। बड़े प्रोजेक्ट के लिए शूटिंग से पहले उपकरणों का परीक्षण करना भी बेहतर रहता है।

छत्तीसगढ़ में स्थानीय रेंटल सेवाओं और प्रोडक्शन हाउस की उपलब्धता से फिल्मकारों को अपने प्रोजेक्ट की जरूरत के अनुसार विकल्प तलाशने में मदद मिल सकती है। इससे हर बार मुंबई या दूसरे बड़े फिल्म केंद्रों से पूरा उपकरण सेट मंगाने की जरूरत कम हो सकती है। स्थानीय तकनीकी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल छॉलीवुड में फिल्म निर्माण की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाने में सहायक हो सकता है।

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