भारतीय सिनेमा में कई ऐसे विलेन हुए हैं जिन्होंने अपनी दमदार एक्टिंग और खतरनाक अंदाज से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। कई बार तो ऐसा भी हुआ कि फिल्म का हीरो नहीं बल्कि विलेन ही दर्शकों के दिल-दिमाग में बस गया। मोगैम्बो से लेकर कांचा चीना तक ऐसे कई किरदार हैं जिनके डायलॉग आज भी फिल्म प्रेमियों की जुबान पर हैं।
सबसे पहले बात करें Mogambo की, जो फिल्म Mr India में नजर आया था। इस किरदार को Amrish Puri ने निभाया था। उनका मशहूर डायलॉग “मोगैम्बो खुश हुआ!” आज भी बॉलीवुड इतिहास के सबसे लोकप्रिय डायलॉग्स में गिना जाता है।
इसके बाद आता है फिल्म Shaan का खतरनाक विलेन Shakaal। इस किरदार को Kulbhushan Kharbanda ने निभाया था। उनका शांत लेकिन खौफनाक अंदाज और शार्क से भरा अड्डा दर्शकों के लिए बेहद अलग अनुभव था।
बॉलीवुड के सबसे डरावने विलेन की बात हो और Lajja Shankar Pandey का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। फिल्म Sangharsh में Ashutosh Rana ने यह किरदार निभाया था। उनका संवाद “बच्चों की बलि से ही देवी प्रसन्न होती हैं” दर्शकों को सिहरने पर मजबूर कर देता है।
इसी तरह फिल्म Agneepath में दिखा खतरनाक विलेन Kancha Cheena भी काफी चर्चित रहा। Sanjay Dutt द्वारा निभाए गए इस किरदार का अंदाज फिल्म के यादगार पलों में शामिल हो गया।
कॉमेडी और विलेन का अनोखा मेल देखने को मिला फिल्म Andaz Apna Apna में। यहां Crime Master Gogo का किरदार Shakti Kapoor ने निभाया था। उनका डायलॉग “आंखें निकाल कर गोटियां खेलता हूं मैं!” आज भी मीम्स और सोशल मीडिया पर खूब चलता है।
वहीं भारतीय सिनेमा का शायद सबसे बड़ा और यादगार विलेन है Gabbar Singh, जो फिल्म Sholay में नजर आया था। Amjad Khan द्वारा निभाए गए इस किरदार का डायलॉग “कितने आदमी थे?” आज भी हिंदी सिनेमा का सबसे मशहूर संवाद माना जाता है।
इन सभी किरदारों की खासियत यह है कि उन्होंने सिर्फ फिल्मों में ही नहीं बल्कि भारतीय पॉप कल्चर में भी अपनी जगह बना ली। यही वजह है कि दशकों बाद भी इन विलेन के डायलॉग और अंदाज दर्शकों को उतने ही याद आते हैं जितने उस दौर में आते थे।