छत्तीसगढ़ी फिल्म कलाकारों के लिए शासन की आर्थिक सहायता — इंडस्ट्री के लिए बड़ा सहारा
छत्तीसगढ़ सरकार ने फिल्म कलाकारों और तकनीशियनों के लिए सब्सिडी, पेंशन, छात्रवृत्ति और सहकारी समिति जैसी प्रमुख आर्थिक सहायता शुरू की है। जानें कैसे बदल रहा है CG सिनेमा का भविष्य।
छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री को मजबूत बनाने के लिए राज्य शासन ने हाल के वर्षों में कई ऐसी आर्थिक सुविधाएँ शुरू की हैं, जिनका सीधा लाभ कलाकारों, तकनीशियनों और लोक कलाकारों तक पहुँच रहा है। क्षेत्रीय भाषा की फिल्मों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से शासन की नीतियाँ आज छॉलीवुड को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
सबसे बड़ी राहत के रूप में सरकार ने छत्तीसगढ़ी फिल्मों के लिए सब्सिडी का प्रावधान किया है। नई फिल्म नीति के अनुसार, छत्तीसगढ़ में बनी फिल्मों की निर्माण लागत का एक बड़ा हिस्सा शासन वहन कर सकता है। बोली आधारित फिल्मों को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जबकि 50 प्रतिशत से अधिक शूटिंग राज्य में करने पर अन्य भाषाओं की फिल्मों को भी अनुदान का लाभ मिलता है। इस कदम से स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को लगातार काम का अवसर मिल रहा है।
इसी तरह, शासन ने आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों और साहित्यकारों के लिए मासिक पेंशन का प्रावधान भी बढ़ाया है। यह सहायता उन वरिष्ठ कलाकारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है जिन्होंने वर्षों तक प्रदेश की कला-संस्कृति को आगे बढ़ाया है। साथ ही, होनहार और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को कला प्रशिक्षण जारी रखने के लिए छात्रवृत्ति भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे नई पीढ़ी में कला शिक्षा को बढ़ावा मिल रहा है।
इसके अलावा राज्य में "फिल्म, लोक कला और मिनी थिएटर सहकारी समिति" का गठन भी किया गया है, जिसका उद्देश्य लोक कलाकारों और फिल्म कर्मियों को आर्थिक सुरक्षा, कम ब्याज पर ऋण, स्वास्थ्य बीमा और आधुनिक फिल्म तकनीक का प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। यह समिति आने वाले समय में एक मजबूत सहायता तंत्र के रूप में उभर सकती है।
इन सभी योजनाओं का उद्देश्य छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को स्थायी विकास की ओर ले जाना है। शासन की यह पहल न केवल कलाकारों को सुरक्षा दे रही है, बल्कि प्रदेश के सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हो रही है।
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