24 अगस्त 1891: एडिसन ने रखी थी सिनेमा की नींव, ऐसे शुरू हुआ चलती तस्वीरों का दौर
24 अगस्त 1891 को थॉमस एडिसन ने चलचित्र तकनीक के दो अहम उपकरणों के पेटेंट के लिए आवेदन किया था। जानिए कैसे शुरू हुआ आधुनिक सिनेमा का सफर।
24 अगस्त 1891 का दिन सिनेमा के इतिहास में बेहद खास माना जाता है। इसी दिन अमेरिकी आविष्कारक थॉमस अल्वा एडिसन ने चलचित्र तकनीक से जुड़े काइनेटोग्राफ और काइनेटोस्कोप के पेटेंट के लिए आवेदन दायर किया था। इन उपकरणों ने चलती तस्वीरों को रिकॉर्ड करने और देखने की तकनीक को एक नई दिशा दी।
एडिसन और उनके सहयोगी विलियम कैनेडी लॉरी डिक्सन ने काइनेटोग्राफ को शुरुआती मोशन-पिक्चर कैमरों में विकसित किया था। वहीं काइनेटोस्कोप एक ऐसा उपकरण था, जिसमें दर्शक मशीन के छोटे झरोखे से चलती फिल्म देख सकता था।
इस दौर में इस्तेमाल हुआ 35mm फिल्म फॉर्मेट आगे चलकर सिनेमा के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। हालांकि काइनेटोस्कोप आज के सिनेमाघरों की तरह बड़े पर्दे पर फिल्म नहीं दिखाता था, लेकिन इन प्रयोगों ने आधुनिक फिल्म तकनीक के विकास की मजबूत नींव तैयार की।
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