61 साल बाद लौट रही है छत्तीसगढ़ की सबसे ऐतिहासिक फिल्म! 'कही देबे संदेस' पार्ट-2 में दिखेगा नए दौर का बड़ा संदेश

छत्तीसगढ़ की पहली फिल्म 'कही देबे संदेस' का 61 साल बाद सीक्वल बनने जा रहा है। निर्देशक देवेंद्र जांगड़े और निर्माता संजय भगत इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। जानिए फिल्म की कहानी और खास अपडेट।

Jul 18, 2026 - 17:49
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61 साल बाद लौट रही है छत्तीसगढ़ की सबसे ऐतिहासिक फिल्म! 'कही देबे संदेस' पार्ट-2 में दिखेगा नए दौर का बड़ा संदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ी सिनेमा के इतिहास की सबसे चर्चित और पहली फीचर फिल्म 'कही देबे संदेस' एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौटने की तैयारी में है। करीब 61 साल बाद इस ऐतिहासिक फिल्म का पार्ट-2 बनने जा रहा है। फिल्म का आधिकारिक मुहूर्त शॉट रायपुर के एक निजी होटल में संपन्न हो चुका है, जिसके साथ ही इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की औपचारिक शुरुआत हो गई।

सबसे खास बात यह रही कि इस मौके पर वर्ष 1965 में रिलीज हुई मूल फिल्म के निर्माता-निर्देशक मनु नायक भी विशेष रूप से मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी ने इस ऐतिहासिक पल को और भी यादगार बना दिया।

इस बहुप्रतीक्षित सीक्वल का निर्देशन युवा फिल्मकार देवेंद्र जांगड़े कर रहे हैं, जिन्होंने इससे पहले 'जोहार छत्तीसगढ़' जैसी फिल्म का निर्देशन किया था। वहीं फिल्म के निर्माता संजय भगत हैं, जो इस क्लासिक कहानी को नए दौर के दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी में जुटे हैं।

नई सोच और नए मुद्दों पर आधारित होगी कहानी

जहां 1965 में रिलीज हुई 'कही देबे संदेस' ने छुआछूत, जातिगत भेदभाव और सामाजिक समानता जैसे संवेदनशील विषयों को बड़े पर्दे पर उठाकर इतिहास रचा था, वहीं इसका दूसरा भाग आज के सामाजिक परिवेश को केंद्र में रखकर बनाया जा रहा है।

फिल्म में गांवों से शहरों की ओर बढ़ते पलायन, युवाओं के रोजगार, आत्मनिर्भर गांवों की अवधारणा और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से दिखाया जाएगा। साथ ही नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों से जोड़ने का संदेश भी कहानी का अहम हिस्सा होगा।

छॉलीवुड के लिए ऐतिहासिक प्रोजेक्ट

'कही देबे संदेस' को छत्तीसगढ़ी सिनेमा की नींव रखने वाली फिल्म माना जाता है। ऐसे में उसके सीक्वल की घोषणा को छॉलीवुड के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। फिल्म प्रेमियों को उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट न केवल पुराने दौर की यादें ताजा करेगा, बल्कि आधुनिक सामाजिक मुद्दों के साथ नई पीढ़ी को भी जोड़ने में सफल रहेगा।

अब दर्शकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि 61 साल पहले इतिहास रचने वाली यह कहानी अपने नए अध्याय में दर्शकों के दिलों पर कितना असर छोड़ पाती है।

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