राम-नामी ने रचा इतिहास, 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में मिला सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान
छत्तीसगढ़ के रामनामी समुदाय पर आधारित डॉक्यूमेंट्री 'राम-नामी' को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का रजत कमल सम्मान मिला।
छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक और आध्यात्मिक परंपरा को दर्शाने वाली डॉक्यूमेंट्री 'राम-नामी' (Ram-Nami) ने 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का प्रतिष्ठित सम्मान हासिल किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर में आयोजित समारोह में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए।
'राम-नामी' को इस श्रेणी में रजत कमल और 2 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार फिल्म के निर्माता BBP Studio Virtual Bharat Pvt. Ltd. और निर्देशक भारतबाला गणपति हैं।
यह डॉक्यूमेंट्री छत्तीसगढ़ के रामनामी समुदाय की धार्मिक आस्था, जीवनशैली और अनूठी सांस्कृतिक परंपराओं को केंद्र में रखती है। रामनामी समाज में शरीर पर 'राम' नाम का गोदना कराने की परंपरा इसकी विशिष्ट पहचान मानी जाती है।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार वर्ष 2024 में भारतीय सिनेमा की उपलब्धियों को सम्मानित करते हैं। विजेताओं की घोषणा 18 जुलाई 2026 को की गई थी, जबकि पुरस्कार समारोह 22 सितंबर को एकता नगर में आयोजित हुआ।
'राम-नामी' को राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और रामनामी समुदाय की परंपराओं को देशभर में पहचान मिलने का एक नया अवसर मिला है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश के संस्कृति विभाग की ओर से भी इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है।
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