छत्तीसगढ़ी सिनेमा के पांच स्तंभ: सतीश जैन से मनोज वर्मा तक, जिन्होंने “छॉलीवुड” को नई पहचान दी
सतीश जैन, मनोज वर्मा, प्रणव झा, देवेंद्र जांगड़े और विवेक सर्वा — ये पांच निर्देशक छत्तीसगढ़ी सिनेमा के असली स्तंभ हैं, जिन्होंने संस्कृति, समाज और मनोरंजन को जोड़ते हुए “छॉलीवुड” को नई पहचान दी।
रायपुर।
छत्तीसगढ़ी सिनेमा आज उस मुकाम पर पहुंच चुका है जहां यह न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि राज्य की संस्कृति, अस्मिता और समाज का आईना भी बन चुका है।
इस बदलाव के पीछे कई प्रतिभाशाली निर्देशकों का योगदान है जिन्होंने अपनी मेहनत और रचनात्मक दृष्टि से “छॉलीवुड” को नई दिशा दी।
जानिए — वो शीर्ष पांच निर्देशक जिन्होंने छत्तीसगढ़ी सिनेमा को ऊंचाइयों तक पहुंचाया 👇
🎬 1. सतीश जैन (Satish Jain)
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छत्तीसगढ़ी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय और सफल निर्देशक।
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उनकी फिल्म “मोर छैंहा भुइयां” (2000) ने छत्तीसगढ़ी सिनेमा के पुनर्जागरण की नींव रखी।
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मोर जोड़ीदार, मोर मया भुइयां के जैसी पारिवारिक और हास्यप्रधान फिल्मों के लिए प्रसिद्ध।
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सिनेमा को व्यावसायिक रूप से सफल दिशा देने वाले पहले फिल्मकारों में शामिल।
🎯 योगदान:
छत्तीसगढ़ी सिनेमा को नई पहचान दिलाई और स्थानीय दर्शकों को फिर से सिनेमाघरों तक खींचा।
🎬 2. मनोज वर्मा (Manoj Verma)
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छत्तीसगढ़ी सिनेमा के सबसे सम्मानित फिल्मकारों में से एक।
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उनकी फिल्म “भुलन द मेज़” (Bhulan The Maze) ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतकर राज्य को गौरवान्वित किया।
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मां ही के माया, जिंदगी मोर हसदे जैसी सामाजिक फिल्मों के निर्देशक।
🎯 योगदान:
छत्तीसगढ़ी सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई और सामाजिक यथार्थ को परदे पर लाया।
🎬 3. प्रणव झा (Pranav Jha)
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आधुनिक दौर के युवा निर्देशक, जिन्होंने युवाओं को छत्तीसगढ़ी फिल्मों से जोड़ा।
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बी.ए. फर्स्ट ईयर, आई लव यू, तू मोर दिलस लेगे रे जैसी रोमांटिक फिल्मों के लिए जाने जाते हैं।
🎯 योगदान:
नई सोच, आधुनिक संगीत और स्टाइलिश प्रस्तुति के माध्यम से छत्तीसगढ़ी सिनेमा को युवाओं तक पहुंचाया।
🎬 4. देवेंद्र जांगड़े (Devendra Jangde)
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सांस्कृतिक और परंपरागत विषयों के निर्देशक।
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फिल्म “जोहार छत्तीसगढ़” (2020) के जरिए उन्होंने राज्य की लोकसंस्कृति और पहचान को खूबसूरती से दिखाया।
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ग्रामीण जीवन, लोककला और परंपरा को फिल्मों में जीवंत करने के लिए प्रसिद्ध।
🎯 योगदान:
छत्तीसगढ़ की अस्मिता और संस्कृति को सिनेमा के ज़रिए संरक्षित करने का कार्य।
🎬 5. विवेक मनसुख सर्वा (Vivek Mansukh Sarwa)
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ऐतिहासिक और प्रेरक विषयों पर फिल्में बनाने वाले निर्देशक।
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उनकी फिल्म “मंद्राजी – वन्स अपॉन अ टाइम इन छत्तीसगढ़” राज्य के इतिहास और वीरता की झलक पेश करती है।
🎯 योगदान:
भूले-बिसरे नायकों और ऐतिहासिक गौरव को छत्तीसगढ़ी सिनेमा में पुनर्जीवित किया।
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