छत्तीसगढ़ के फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स की अहम बैठक, निर्देशक अनुभव सिन्हा ने सुनी जमीनी चुनौतियाँ
रायपुर में आयोजित बैठक में निर्देशक अनुभव सिन्हा ने छत्तीसगढ़ के फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स की समस्याएँ सुनीं। सिंगल-स्क्रीन संकट और प्रचार की दिक्कतें मुख्य मुद्दे रहे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रमुख फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स की एक अहम बैठक सोमवार को राज टाकीज़ में हुई, जिसमें बॉलीवुड के जाने-माने निर्देशक अनुभव सिन्हा विशेष रूप से मौजूद रहे। इस चर्चा का मकसद प्रदेश में फिल्म वितरण व्यवस्था, प्रचार प्रणाली और सिंगल-स्क्रीन थिएटर्स की बदलती स्थिति को गहराई से समझना था।
डिस्ट्रीब्यूटर्स ने उठाए मुख्य मुद्दे
बैठक में डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कई चिंताएँ सामने रखीं, जिनमें प्रमुख थे—
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सिंगल-स्क्रीन सिनेमाघरों में सतत गिरावट
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दर्शकों का मल्टीप्लेक्स की ओर झुकाव
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सिंगल-स्क्रीन हॉल्स को नए दौर की सुविधाओं के अनुरूप अपग्रेड करने की जरूरत
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बॉलीवुड फिल्मों का प्रचार सामग्री समय पर उपलब्ध न होना
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रिलीज से ठीक पहले सीमित पब्लिसिटी मटीरियल मिलना
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स्थानीय स्तर पर प्रचार करने के अवसरों की कमी
डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना था कि यदि उन्हें समय पर कंटेंट और प्रमोशनल मटीरियल मिले, तो वे किसी भी फिल्म को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचा सकते हैं।
अनुभव सिन्हा ने व्यक्त की चिंता
अनुभव सिन्हा ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि वे अपने कंटेंट को लेकर समझौता नहीं करते। उन्होंने सवाल उठाया—
“Producer को निवेश की भरपाई कैसे मिलेगी? क्या यह जिम्मेदारी सिर्फ निर्देशक पर है?”
उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में निर्माण से लेकर वितरण तक हर चरण टीम-वर्क पर निर्भर करता है। जब हर सदस्य अपनी भूमिकाएँ समझकर काम करता है, तभी बेहतर परिणाम सामने आते हैं।
मुद्दों को इंडस्ट्री तक पहुँचाने का भरोसा
सिन्हा ने भरोसा दिलाया कि वे छत्तीसगढ़ के डिस्ट्रीब्यूटर्स की समस्याएँ मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में मजबूती से उठाएँगे। उनके अनुसार, स्थानिय डिस्ट्रीब्यूटर्स को सशक्त किए बिना क्षेत्रीय मार्केट को मजबूत नहीं किया जा सकता।
बैठक के अंत में सभी डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कहा कि सिंगल-स्क्रीन थिएटर्स के आधुनिकीकरण और प्रचार व्यवस्था में सुधार के बिना दर्शकों की वापसी संभव नहीं है।
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